व्यक्ति खुद को बड़ा होशियार समझ यह सोचता है कि वो चाल पर चाल चल रहा है, पर उसको यह ज्ञात नहीं होता कि "तुझसे बाज़ी खिलवाई जा रही है" तेरी हर बाज़ी मेरी बाज़ी पर निर्भर है।
और मैं मात से पहले खेल ही पलट दूँगा, खिलाड़ी ही बदल दूंगा। तुम जीत के क़रीब जाकर भी हार जाओगे।
अनलॉक मुबारक हो।
0 Comments